13 Feb, 2026
रमन लोक कला महोत्सव 13 से, ‘लोक में राम’ थीम पर चार दिन गूंजी संस्कृति
देशभर के कलाकार ने दी प्रस्तुतियां, पद्मश्री विभूतियां हुई शामिल
लोक परंपराओं के संरक्षण का संकल्प, नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने का प्रयास
बिलासपुर। आदिवासी अंचल में स्थापित डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 13 से 16 फरवरी तक चार दिवसीय रमन लोक कला महोत्सव आयोजित किया गया है। इस बार महोत्सव की थीम “लोक में राम” रखी गई थी। आयोजन में छत्तीसगढ़ के साथ उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, झारखंड, असम सहित अनेक राज्यों के लोक कलाकार भाग लेकर भगवान राम से जुड़ी विविध लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत कर दिया।
महोत्सव में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ वैचारिक सत्र भी हुए। , जिनमें कला, संस्कृति, साहित्य, भाषा, पत्रकारिता और सिनेमा जैसे विषयों पर देश के विशेषज्ञ अपने विचार रखें। विशेष आकर्षण के रूप में चार पद्मश्री सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने जीवन अनुभव साझा किये।। विश्वविद्यालय का एक प्रमुख उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोक कला, संस्कृति, साहित्य और भाषा का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। इसी भावना के साथ पिछले सात वर्षों से लगातार लोक कला महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। यह मंच जमीनी कलाकारों को अवसर देने के साथ युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराता है। इस वर्ष बस्तर, कांकेर, जगदलपुर, रायगढ़ सहित प्रदेश के लगभग सभी जिलों से कलाकार भाग लिए। “लोक में राम” के अंतर्गत देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित रामकथा, भजन, नृत्य और नाट्य रूपों को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम स्थल पर शासकीय और गैर शासकीय संस्थाएं स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों और योजनाओं की जानकारी दी। विद्यार्थी भी मॉडल और प्रस्तुति के माध्यम से सहभागिता की।